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श्मशान घाट को भी नहीं बख्शा, निर्माण में भी कथित खेल! तस्वीरों ने खोली गुणवत्ता की पोल,, बाहर प्लास्टर, अंदर ईंटों के टुकड़े? माजरा में श्मशान घाट के द्वार पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

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भगवानपुर। विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब भगवानपुर ब्लॉक के ग्राम माजरा में श्मशान घाट के द्वार का निर्माण विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा है कि निर्माण एजेंसी ने श्मशान घाट के द्वार के पिलर बनाने में भी कथित तौर पर मानकों की अनदेखी की है। ग्रामीणों के अनुसार, पिलर में सीमेंट, रेत और बजरी के उचित मिश्रण से मजबूत निर्माण करने के बजाय ईंटों के टुकड़े भरकर ऊपर से प्लास्टर कर दिया गया है।

कार्य की सामने आई तस्वीर में पिलर की बाहरी सतह पर जगह-जगह ईंटों के टुकड़े और उखड़ा हुआ मसाला दिखाई दे रहा है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट जैसी महत्वपूर्ण जगह पर भी यदि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, तो यह गंभीर मामला है। ऐसे निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि श्मशान घाट के मुख्य द्वार का निर्माण मजबूत और टिकाऊ तरीके से किया जाना चाहिए, लेकिन मौके पर दिखाई दे रही स्थिति निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह पैदा करती है। उनका कहना है कि केवल बाहर से प्लास्टर करके निर्माण की खामियों को छिपाने का प्रयास किया गया है। हालांकि, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।

दोबारा निर्माण नहीं हुआ तो अधिकारियों से करेंगे शिकायत ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि श्मशान घाट के द्वार का निर्माण शीघ्र ही सही तरीके से नहीं कराया गया और कथित अनियमितताओं को दूर नहीं किया गया, तो वे संबंधित उच्च अधिकारियों के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराएंगे। साथ ही, निर्माण एजेंसी के खिलाफ जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराता है या नहीं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकारी धन से कराए जा रहे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और गुणवत्ता से समझौता करने वालों की जवाबदेही तय की जाए।

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