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सेल्यूट उत्तराखंड पुलिस—‘मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं…मेरी मौत के बाद तुम मेरी बीवी और मेरे बच्चों का ख्याल रखना’ पीड़ित ने मोबाइल से दी जानकारी

‘मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं…मेरी मौत के बाद तुम मेरी बीवी और मेरे बच्चों का ख्याल रखना’.

न्यूज1express।              7500007413

देहरादून:-यह जानकारी रिसीव करने वाले ने बिना हड़बड़ाए हुए तुरंत सबसे पहले इलाका पुलिस को सूचना दी. मामले की गंभीरता को भांपकर पुलिस भी सक्रिय हो उठी. पुलिस ने आनन-फानन में उस मोबाइल फोन का नंबर सर्विलांस पर लगा दिया, जिससे सुसाइड करने वाले शख्स ने कॉल करके अपने परिचित को सूचना दी थी कि वो, सुसाइड करने जा रहा है. जब उसकी मौत हो जाए तो तुम (मोबाइल कॉल रिसीव करने वाला) मेरी बीवी और मेरे बच्चों का ख्याल रखना. आनन-फानन में पुलिस ने सुसाइड करने जा रहे शख्स की लोकेशन पता लगा ली.

दरअसल, यह घटना 21 जुलाई यानी गुरुवार रात करीब 10 बजे की उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में घटी है. घटनाक्रम के मुताबिक, हरिहरपुर सेलाकुई निवासी वीरपाल शर्मा ने सेलाकुई थाना प्रभारी को रात के वक्त फोन किया. उन्होंने पुलिस से कहा कि उनके परिचित ने उससे फोन कर कहा है कि वो सुसाइड करने जा रहा है, उसकी मौत के बाद उसके बीवी-बच्चों का ख्याल रखा जाए. सूचना गंभीर और वक्त बेहद कम था. बिना वक्त गंवाए थान प्रभारी सेलाकुई प्रदीप सिंह रावत ने सूचना देने वाले से पीड़ित की (जो सुसाइड करने जा रहा था) फोटो लेकर थाने पहुंचने को कहा. कुछ ही देर में वीरपाल शर्मा पीड़ित की फोटो, मोबाइल डिटेल और जिस वाहन से वो सुसाइड करने गया था, उसकी डिटेल के साथ थाने पहुंच गया. पुलिस ने जब सुसाइड करने जा रहे शख्स की लोकेशन पता की तो वह शिमला बाईपास रोड के करीब मिली.

लोकेशन ट्रैक कर पहुंची पुलिस, जंगल को बनाया सेंटर प्वाइंट

लोकेशन मिलते ही प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर थाना रविंद्र यादव, एसएसआई पटेल नगर सब इंस्पेक्टर हर्ष अरोड़ा, चौकी इंचार्ज नया गांव सब इंस्पेक्टर विवेक राठी को उसकी सूचना दी गई. वक्त रहते किसी शख्स को सुसाइड से बचा लेने की कोशिश में जुटी टीमों में थाना सेलाकुई सब इंस्पेक्टर अनित कुमार के साथ सिपाही ब्रजेश, त्रेपन सिंह को भी शामिल कर लिया गया. इन सभी पुलिस टीमों ने मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर नया गांव के पास जंगल को सेंटर प्वाइंट बना लिया. इसी बीच पुलिस टीमों ने जब पीड़ित के मोबाइल पर उसका नंबर डायल किया, तो वह स्विच ऑफ था. इससे पुलिस टीमों के हाथ-पांव यह सोचकर फूल गए कि कहीं पीड़ित सुसाइड करने की अपनी योजना को अमल तो नहीं कर बैठा. इसी बीच फिर से एक बार पीड़ित की दूसरी लोकेशन आईएसबीटी से रिस्पना पुल के करीब मिली.

बातों में उलझाकर पीड़ित तक पहुंची पुलिस

रात करीब बजे 11 बजे पीड़ित ने खुद ही अपने मोबाइल से थानाध्यक्ष सेलाकुई के नंबर पर कॉल करके पूछा कि, आपकी मिस कॉल आयी थी, आप कौन बोल रहे हैं? जिस पर थानाध्यक्ष सेलाकुई द्वारा अपना परिचय देते हुए राहुल कुमार से सुसाइड न करने की बात कही. साथ ही उसे मोबाइल फोन पर बातों में उलझाकर उससे उसकी लोकेशन पूछ ली. थाना प्रभारी सेलाकुई ने उसी वक्त किसी तरह से थाने में मौजूद रात की ड्यूटी पर तैनात मुंशी राजवीर रमोला के फोन से तुरंत कंट्रोल को अवगत कराया कि, पीड़ित शख्स अजबपुर फाटक में रेलवे पटरी पर खड़ा है. वो बस किसी ट्रेन के आने का ही इंतजार कर रहा है. जिस पर कंट्रोल रूम द्वारा तुरंत बाईपास चौकी इंचार्ज देवेश खुगशाल को यह सूचना दे दी गई. अब तक सुसाइड करने के लिए रेल पटरी पर खड़े पीड़ित से थानाध्यक्ष सेलाकुई लगातार बात करके उसे उलझाए रहे.

मौके पर पहुंच ट्रेन की पटरी से पीड़ित को हटाया

इसी दौरान बाईपास चौकी इंचार्ज देवेश खुगशाल सिपाही भगवान सिंह, नितिन, विवेक राठी व महावीर पांडेय के साथ अजबपुर कलां फाटक पहुंच गए. तब पुलिस टीमों ने पीड़ित को ट्रेन आने से पहले ही रेल पटरी से हटाकर सुरक्षित बचाया. पीड़ित की जान बचाकर उसे सीधे थाना नेहरू कॉलोनी ले जाया गया. वहीं पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में पीड़ित ने बताया कि,उसका नट बोल्ट बनाने का छोटा कारखाना है. जिसको चलाने के लिए उसने कई लोगों से उधार रुपए ले रखे हैं. काम में नुकसान होने व पत्नी को कैंसर होने के कारण लोगों का उधार नहीं दे पाया. लोग घर पर पैसे मांगने आने लगे थे. इसी कारण मैं तनाव में था. मैंने आत्महत्या करनी की सोची.

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