अशवनी गर्ग
देवबंद: क्षेत्र के गुर्जर बाहुल्य गांव बाबूपुर नगली में मामूली सी बात को लेकर दो पक्षो में जमकर संघर्ष हुआ। दोनों ओर से चले लाठी डंडों और धारदार हथियारो में करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी से हायर केयर सेंटर रेफर किया गया है।
शुक्रवार की शाम गांव बाबूपुर नगली निवासी ऋषिपाल और मोनू पक्ष मामूली सी बात को लेकर आमने सामने आ गए और जमकर धारदार हथियार चले। जिसमें ऋषिपाल पक्ष के रविंद्र, संजय, कार्तिक, राहुल और राजू जबकि मानू पक्ष से सुनील कुमार, पिंकू, नरेश और नकली सिंह घायल हो गए। गांव में हुए संघर्ष की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए देवबंद सीएचसी में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ऋषिपाल पक्ष के रविंद्र ने बताया कि उनकी चाची कुसुम गांव की आशा है। आरोप है कि मोनू पक्ष ने कुसुम के साथ जमकर मारपीट की थी जिसमें वह घायल हो गई थी। घटना के सम्बंध में उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी जिससे क्षुब्ध होकर शुक्रवार की शाम आरोपी पक्ष ने हथियारों से लैस होकर उन पर हमला बोल दिया। जबकि दूसरे पक्ष के मोनू का आरोप है कि आशा के साथ मारपीट करने का झूठा आरोप लगाते हुए उन पर हमला किया गया। जिसमें उनके पक्ष के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। कोतवाली प्रभारी सूबे सिंह का कहना है कि महिला के साथ मारपीट को लेकर दोनों पक्षों में संघर्ष हुआ है। तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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