29 अगस्त 2020
लियाक़त कुरैशी-7500007413
भगवानपुर:- बीडी इंटर कॉलेज भगवानपुर, हरिद्वार में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी का 115 वां जन्मोत्सव मनाया गया ।
पदम भूषण मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर उनकी उपलब्धियों को याद करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय गर्ग ने कहा कि ध्यानचंदजी की कप्तानी में 1928, 1932 तथा 1936 के ओलंपिक खेलों में,हॉकी में भारत ने लगातार तीन बार स्वर्ण पदक जीता। इन तीनों ओलंपिक में मेजर ध्यानचंद जी ने क्रमशः 14, 12 तथा 16 गोल किए ।1936 में बर्लिन में संपन्न हुए ओलंपिक खेलों के हॉकी के फाइनल मैच को देखने के लिए जर्मनी के चांसलर हिटलर भी आए थे।उस समय पूरे विश्व में हिटलर का सिक्का चलता था। लेकिन हॉकी फाइनल मैच में शानदार प्रदर्शन करके मेजर ध्यानचंद जी ने हिटलर के मन में अपने लिए विशेष स्थान बना लिया था। मेजर ध्यानचंद जी के खेल से प्रभावित होकर हिटलर ने मेजर ध्यानचंद जी को जर्मनी की नागरिकता, जर्मनी की फौज में नौकरी तथा जर्मनी हॉकी टीम का कप्तान बनाने का ऑफर दिया लेकिन देशभक्त मेजर ध्यानचंद ने विनम्रता से उनका आग्रह अस्वीकार कर दिया। उस समय पूरे विश्व में हिटलर की तूती बोलती थी, उनकी बात कोई मना नहीं कर सकता था लेकिन भारत की माटी से अटूट प्रेम करने वाले मेजर ध्यानचंद जी ने उनका आग्रह ठुकरा दिया।
व्यायाम शिक्षक सुधीर सैनी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद अपने समय के विश्व के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी थे।मेजर ध्यानचंद ने कुल 22 साल तक भारत के लिए हॉकी खेली तथा उन्होंने भारत के लिए कुल मिलाकर 400 से अधिक गोल किए। भारत सरकार भी उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाती है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर मिनी वर्ग में कबड्डी में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाली छात्रा कु खुशी, कु हिमानी, कु तनु तथा विशाल को तथा राज्य स्तर पर एथलेटिक्स में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाली कु महिमा तथा क्रिकेट में राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले अभिजीत को सम्मानित किया गया।

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