थाना झबरेड़ा क्षेत्र में कुट्टू के आटे को लेकर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया और दुकानदारों को कुट्टू का आटा बेचने से रोका गया।
थाना प्रभारी अजय सिंह के नेतृत्व में झबरेड़ा पुलिस ने कस्बा झबरेड़ा के अंदर तथा क्षेत्र में दुकानों पर बेचे जा रहे हैं कुट्टू के आटे की चेकिंग की तथा दुकानदारों को कुट्टू के आटे से होने वाले नुकसान के बारे में बताया तथा पूर्ण रूप से आटा ना बेचने की नसीहत दी गई। थाना प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि ये चेकिंग अभियान उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार किया गया। उन्होंने कहा कि नसीहत के बाद भी दुकानदार कुट्टू का आटा बेचता हुआ पाया गया थ तो उसे कानूनी प्रक्रिया से भी गुजरना पड सकता है।
ज्ञात हो कि नवरात्र के व्रत के दौरान कुट्टू का आटा खाने से कुछ लोग बीमाह गए थे जिसे लेकर शासन प्रशासन ने सभी दुकानदारों को कुट्टू का आटा बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया।
क्या हे कुट्टू का आटा
कुट्टू यानी बकवीट का एक पौधा होता है जिसकी खेती नॉर्थ इंडिया और ईस्ट इंडिया में की जाती है. इस पौधे के फूल सफेद होते हैं, जिसके अंदर चने के आकार का एक बीज निकलता है. जब यह बीज गहरे भूरे हो जाते हैं तो इन्हें निकाल लिया जाता है.
क्यों खाते हे कुट्टू का आटा
चूंकि कुट्टू फल की कैटेगरी में आता है इसलिए व्रत के दिनों मे इसकी पूरी से लेकर पकौड़ी और तरह-तरह से लोग इसको इस्तेमाल करते हैं.
कुट्टू का आटा खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं
फाइबर ज्यादा होने की वजह से कुछ लोगों को इस आटे को खाने के बाद पेट दर्द, अपच, सूजन या गैस बन सकती है.
2. कुछ लोगों को इस आटे से एलर्जी भी हो सकती है. इसे खाने के बाद स्किन पर रिएक्शन, पेट में दिक्कत और सांस लेने में तकलीफ हो सकती

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