एक ग्रामीण ने हरिद्वार के 11 विधायकों और सांसदों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि आज तक किसी भी विधायक और सांसद ने हरिद्वार तीर्थ नगरी में एम्स जैसे अस्पताल बनवाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की जनता को इलाज कराने के लिए कोसों दूर ऋषिकेश एम्स, देहरादून जाना पड़ता हे तब तक मरीज की हालत गंभीर हो जाती हे ।
हरिद्वार के सामाजिक कार्यकर्ता खुर्शीद ने जिले में एक बड़े सरकारी अस्पताल की आवश्यकता उठाते हुए कहा है कि हरिद्वार की जनता को आज भी बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। उनका कहना है कि गंभीर बीमारी या विशेष उपचार के लिए लोगों को अक्सर ऑल इंडिया इंस्टीटटऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) ऋषिकेश, जॉली ग्रांट हॉस्पिटल, श्री महेंद्र इंद्रेश हॉस्पिटल, तथा दून हॉस्पिटल, जाना जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार जिले से चुने गए जनप्रतिनिधियों को जनता की इस महत्वपूर्ण समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उनका मानना है कि जिले की बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए हरिद्वार में भी ऋषिकेश एम्स जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक बड़े सरकारी अस्पताल की स्थापना की जानी चाहिए।
खुर्शीद ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मांग की है कि हरिद्वार में एक उच्च स्तरीय सरकारी चिकित्सा संस्थान स्थापित किया जाए, ताकि जिले के लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों में न जाना पड़े और उन्हें अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

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