रुड़की के बालाजी और आरआर दो राइस मिल पर आईआईटी खड़गपुर और आरएफसी की टीम पहुंची जहां उन्होंने धान से निकलने वाले चावलों का प्रतिशत जाना।
इस दौरान दोनों टीमों ने राइस मिलों में रखे धान की लंबाई चौड़ाई और रिकवरी की विस्तार से जांच की।इस दौरान आईआईटी खड़गपुर की टीम ने राइस मील को चलवाया और प्रति कुंतल धान से चावल की रिकवरी की भी जांच की। जानकारी देते हुए डिप्टी आरएमओ अनु जैकरे ने बताया कि केंद्र सरकार को राइस मिल यूनियन द्वारा प्रति कुंटल धान से 67% चावल रिकवरी डिमांड की थी डिप्टी आर एम ओ अनु जैकरे ने बताया कि मिल यूनियन का कहना है कि वर्तमान में चावल की रिकवरी 67% से कम आ रही है जिसे केंद्र सरकार ने गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के रुड़की स्थित बालाजी राइस मिल और आरआर इंटरनेशन राइस मिल का बारीकी से निरीक्षण किया जहां पर चावल की पूरी जानकारी जुटाई गई ।आईआईटी और आरएफसी की टीम से राइस गोदाम स्वामियों में दिनभर हड़कंप मचा रहा।इस मौके पर आईआईटी के प्रोफेसर्स,मैनेजर केशर सिंह पंवार, सीनियर मार्केटिंग इंस्पैक्टर मोहम्मद शाहिद आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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