लियाक़त कुरेशी news1express
रुड़की:-एक चलन ऐसा भी चलाओ कि जब भी किसी कोरोना मरीज को क्वारांटाइन या आइसोलेशन के लिए ले जाया जा रहा हो तो बजाय उनकी वीडियोग्राफी करके उन्हें अपराधी जैसा अनुभव कराने का, बल्कि अपनी बालकनी या घर के दरवाजे से आवाज लगाकर, ताली बजाकर, हाथ उठाकर,
हौसला अफजाई करने वाले अंदाज में उन्हें जल्दी ठीक होने का आश्वासन दे, उन्हें धैर्य बंधाए, उन्हें सकारात्मक सहयोग देते हुए जल्द ठीक होकर घर वापिस आने की शुभकामनाएँ दें उन्होंने कहा डूबते हुए को अगर तिनके का सहारा मिल जाए तो वह निकलकर बाहर आ जाता है व्यवहार और मरीज का धैर्य बांधना सबसे बड़ा इलाज है
1. उनकी इज्जत करें।
2. उनके लिए प्रार्थना करें।
3. उन्हें खुद के अच्छे पडौसी , मित्र होने का अहसास दिलाएं।
4. Get well soon जैसे शब्द कहकर उन्हें अधिक सम्मान दे
ऐसा करने से उन्हें तो अच्छा लगेगा ही आपको भी शांति प्राप्त होगी, क्योंकि इस स्थान पर हम में से कोई भी हो सकता है। जो भी होगा हमारा अपना ही होगा।
1. बीमारी दवा से कम मनोबल से ज्यादा ठीक होती है।
2. एक दूसरे का मनोबल बढ़ाएं।
3. प्रणाम ईश्वर सबका मंगल हो।
4. सब स्वस्थ रहें।
5. सबके जीवन में प्रेम और शांति की स्थापना हो

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