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सीएमओ हरिद्वार के आदेश पर रुड़की का मेडविन अस्पताल का लाइसेंस निरस्त,,बिन आदेश अस्पताल का संचालन हुआ तो होगी कारवाही..सीएमओ

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तहलका न्यूज़

रुड़की- रुड़की के आजाद नगर चौक स्थित मेडविन हॉस्पिटल के खिलाफ ग्रामीण की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग और उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने कड़ा एक्शन लिया है।

जिला रजिस्ट्रेशन प्राधिकरण एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार की ओर से मेडविन हॉस्पिटल का अस्थायी पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। आदेश के अनुसार मेडविन हॉस्पिटल का पंजीकरण संख्या UK/HDR/DRA/2022/643 अब वैध नहीं रहा। बताते चले की ग्राम बढ़ेड़ी राजपूतान निवासी शिकायतकर्ता द्वारा राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परिषद के माध्यम से मेडविन हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत के आधार पर उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल देहरादून द्वारा जांच की गई। जांच में अस्पताल से संबंधित आवश्यक दस्तावेज न प्रस्तुत किए जाने और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल के पत्र संख्या 2478 दिनांक 19.12.2025 के अनुसार मेडविन हॉस्पिटल के संचालक चिकित्सक का पंजीकरण भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

 

साथ ही आदेश दिया गया कि जब तक अग्रिम आदेश नहीं आते, तब तक मेडविन हॉस्पिटल में किसी भी प्रकार का चिकित्सकीय कार्य नहीं किया जाएगा। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला रजिस्ट्रेशन प्राधिकरण हरिद्वार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मेडविन हॉस्पिटल, आजाद नगर चौक रुड़की, जनपद हरिद्वार के समस्त संचालन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाई जाती है। यदि आदेशों का उल्लंघन किया गया तो नैदानिक स्थापना (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम 2015 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग, जिला रजिस्ट्रेशन प्राधिकरण हरिद्वार और उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल देहरादून द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि मेडविन हॉस्पिटल में पहले भी कई बार लापरवाहियां और गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब जाकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डॉक्टर आर.के सिंह ने कहा कि ग्रामीण की शिकायत और उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल की रिपोर्ट के आधार पर मेडविन हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त करते हुए अस्पताल को सील करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। और यदि किसी भी प्रकार से अस्पताल संचालित होता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएग

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